रविवार की आरती | Ravivar ki Aarti Lyrics

रविवार को रविवार की आरती करनी चाहिए रविवार, जिसे अंग्रेजी में sunday भी बोलते है, का नाम सूर्य देवता के नाम से सूर्यवार भी है। सप्ताह में रविवार का दिन भगवान सूर्य देव को समर्पित है। भगवान सूर्यदेव ही एक मात्र ऐसे देवता है, जिनका साक्षात दर्शन हमे नियमित रूप से होता है। इसलिए रविवार को रविवार की आरती करनी चाहिए। सोमवार की आरती

रविवार की आरती का महत्व

Ravivar ki Aarti Lyrics
Ravivar ki Aarti Lyrics

रविवार को सूर्य देव की पूजा और आराधना करने से सूर्य देवता की कृपा होती है। रविवार को देवी देवताओं की पूजा और व्रत अर्चना करना अच्छा माना गया है। इससे सौभाग्य, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है और आत्मिक शक्ति, ज्ञान और सद्गति की प्राप्ति भी होती है।

रविवार और उसकी आरतीयो का कई क्षेत्रों और हिंदू धर्म में विशेष महत्व है।

कहं लगि आरती दास करेंगे,
सकल जगत जाकी जोति विराजै।
सात समुद्र जाके चरणनि बसे,
कहा भयो जलकुम्भ भरे हो राम।
कोटि भानु जाके नख की शोभा,
कहो भयो मंदिर दीप धरे हो राम।
भार अठारह रोमावलि जाके,
कहा भयो शिर पुष्प धरे हो राम।
छप्पन भोग जाके प्रतिदिन लागें,
कहा भयो नैवेद्य धरे हो राम।
अमित कोटि जाके बाजा बाजे,
कहा भयो झनकार करे हो राम।
चार वेद जाके मुख की शोभा,
कहा भयो ब्रह्मदेव पढ़ें हो राम।
शिव सनकादिक आदि ब्रह्मादिक,
नारदमुनि जाको ध्यान धरे हो राम।
हिम मंदार जाको पवन झकोरे,
कहा भयो शिर चंवर दुरे हो राम।
लख चौरासी बन्द छुड़ाये,
केवल हरि यश नाम देव गाये।

रविवार नाम सूर्यदेवता के नाम पर रखा गया है जिसका अर्थ होता है “रवि” यानी सूर्य। यह दिन सौभाग्यशाली माना जाता है और आध्यात्मिक और ज्ञान के विकास के लिए बहुत शुभ होता है। शुक्रवार की आरती

Ravivar ki Aarti in English

Kahan lagi aarti daas karenge,
Sakal jagat jaaki jyoti viraaje ||
Saat Samudra Jaake Charani Base,
Kaha Bhayo Jal Kumbh Bhare Ho Ram ||
Koti Bhanu Jaake Nakh Ki Shobha,
Kaha Bhayo Mandir Deep Dhare Ho Ram ||
Bhar Atharah Ram Bali Jaake,
Kaha Bhayo Shir Pushpdhare Ho Ram ||
Chhappan Bhog Jaake Prati Din Laage,
Kaha Bhayo Jhankaar Kare Ho Ram ||
Char Ved Jaake Mukh Ki Shobha,
Kaha Bhayo Bramha Dev Padhe Ho Ram ||
Shiv Sankadik Aadi Bramhadik,
Naarad Muni Jaako Dhyan Dare Ho Ram ||
Him Mandar Jaako Pavan Jhakore,
Kaha Bhayo Shiv Chanwar Dure Ho Ram ||
Lakh Chauraasi Band Chudaye,
Keval Hari yash Naam dev Gaaye ||

रविवार को सूर्य देवता की आराधना और रविवार की आरती के द्वारा हम उनके द्वारा प्रकाशित किए जाने वाले गुणों को आदर्श बनाते है।

इससे हम सूर्य देवता से आशीर्वाद, प्रकाश, ऊर्जा और शक्ति प्राप्त करते है और अपने जीवन को शुद्ध और सफल बनाने की कोशिश करते है।

मंगलवार की आरती

FAQ

रविवार को क्या करना करना चाहिए?

रविवार को रविवार की आरती करनी चाहिए। यह दिन सूर्य देव को समर्पित है इसलिए इस दिन जो उनकी आराधना करता है, सूर्य देव उसे लाखो गुना अधिक सुख, समृद्धि और शांति देता है।

क्या रविवार को सूर्य देव को जल अर्पण करना चाहिए?

वैसे तो सप्ताह के सातों दिन सूर्य देव को जल अर्पण करना चाहिए। लेकिन विशेषकर रविवार के दिन प्रातः काल को स्नान करके सूर्योदय के समय सूर्यदेव को जल अर्पण करना चाहिए।

सूर्यदेव को जल अर्पण क्यों किया जाता है?

जल, जिसे हमारे धर्म में शुद्ध और पवित्र माना जाता है, उसे सूर्य देव को शुद्धि, आशीर्वाद और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए चढ़ाया जाता है और ऐसा माना जाता है की इससे अच्छा स्वास्थ्य और परिवार में समृद्धि आती है।

रविवार किस देवता को समर्पित है?

रविवार सूर्य देव को समर्पित वार है, इन्हे हिंदू धर्म में प्रमुख देवता माना जाता है। जो एक मात्र ऐसे देवता है, जो हमे हर दिन साक्षात दर्शन देते है।

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